Murder of nurse

26.07.2022
लखनऊ के मेदांता अस्पताल की ट्रेनी नर्स की सोमवार को हत्या कर दी गई। उसका शव अस्पताल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर भागीरथी एन्क्लेव के बेसमेंट में मिला। उसके कपड़े फटे हुए थे। आशंका है कि रेप के बाद उसकी हत्या करके शव को बेसमेंट में फेंक दिया गया।तालकटोरा इलाके की रहने वाली 25 साल की युवती ने 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल में नर्स की नौकरी जॉइन की थी। वह अस्पताल गोमती नगर के हुसड़िया स्थित हॉस्टल में रह रही थी। रविवार को मेदांता के पास ही बने भागीरथी एन्क्लेव के बेसमेंट में उसका शव मिला। उसके शरीर में न हो कोई गहरी चोट थी और न ही खून निकला था।

घरवालों ने कहा किसी ने बहाने से बुलाकर की हत्या
युवती के घरवालों ने बताया कि वो 21 जुलाई से ही मेदांता अस्पताल में आई थी। इस दौरान उसने कोई ऐसी बात नहीं बताई जो आत्महत्या की वजह हो सकती है। यह जानकारी मिली है कि भागीरथी एन्क्लेव में मेदांता का ज्यादातर स्टाफ किराए पर फ्लैट लेकर रहता है। उनका कहना है कि बेटी को किसी बहाने से यहां बुलाकर उसकी हत्या की गई है।

महिला के साथ गेट से एंट्री करते कैमरे में दिखी
पुलिस ने अपार्टमेंट का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। युवती 11:47 बजे एक महिला के साथ गेट से एंट्री करते दिखी। इस महिला से पूछताछ हुई, तो बताया कि वो बच्चे को स्कूल से लेकर आ रही थी। युवती को वो जानती भी नही हैं। पुलिस का दावा है कि बाकी फुटेज में लड़की टावर नंम्बर 8 में लिफ्ट से ऊपर जाते दिखी है।लिफ्ट से 12वें फ्लोर पर देखा फिर 14वीं मंजिल पर गई पुलिस के दावे के मुताबिक, लड़की को लिफ्ट में चढ़ते हुए कैमरे में देखा गया। उसने लिफ्ट से ऊपर जाते हुए पहले 12वीं मंजिल पर इधर-उधर झांका। इसके बाद 14वीं मंजिल पर चली गई। दोपहर करीब 2 बजे अपार्टमेंट के रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी की एक महिला पदाधिकारी ने बेसमेंट में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। ADCP राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि हर पहलू की जांच की जा रही है।

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Monkey pox a global health emergency

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। बैठक में लंबी चर्चा के बाद WHO ने यह फैसला लिया है। मंकीपॉक्स अब तक 80 देशों में फैल चुका है। भारत में अब तक इस वायरस के 3 मामले सामने आए हैं।
उधर, अमेरिका में पहली बार दो बच्चों में यह संक्रमण पाया गया है। हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक एक बच्चा कैलिफोर्निया का है, वहीं दूसरा बच्चा नवजात है और अमेरिका का निवासी नहीं है।स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दोनों बच्चों की हालत स्थिर है। इलाज के लिए उन्हें एंटीवायरल दवा टेकोविरिमैट दी गई है। CDC के अनुसार यह दवा 8 साल से छोटे बच्चों को दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें गंभीर संक्रमण का खतरा होता है।

दुनिया में मंकीपॉक्स के लगभग 17 हजार मामले
Monkeypoxmeter.com के डेटा के मुताबिक, भारत समेत 80 देशों में 16,886 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से यूरोप में सबसे ज्यादा 11,985 लोग मंकीपॉक्स की चपेट में आए हैं। वहीं, बीमारी से ग्रस्त टॉप 10 देशों में ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, पुर्तगाल, कनाडा, नीदरलैंड्स, इटली और बेल्जियम शामिल हैं। मंकीपॉक्स से इस साल तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

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DR.RK GUPTA honored for service to the society

जिले के प्रसिद्ध चर्म रोग विशेषज्ञ व आयुष्मान भारत फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरके. गुप्ता को मोतिहारी जिले के अरेराज में राम अशीष देव ऋषि जी के पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है। समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और मुफ्त चिकित्सा सेवा को लेकर देश के कई राज्यों में शिविर लगाकर नि:शुल्क सेवा देने को लेकर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री व स्वतंत्रता सेनानी बृज बाबू की ओर से इन्हें शॉल ओढ़ाकर, बुके एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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Doctors thug in the clutches

शहर के एक डॉक्टर को असली के बदले नकली सोने की सिक्के बेचकर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले सुनार को गिरफ्तार किया है। इस वारदात में शामिल एक ही परिवार के पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 17.700 किलोग्राम नकली सोने के सिक्के, सिक्का बनाने वाली मशीन, 21 मोबाइल फोन और 51 लाख रुपए की नकदी भी बरामद की है। पकड़े गए सुनार की पहचान आगरा निवासी अर्पित के रूप में हुई है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी एक ही परिवार के हैं जिसमें पन्ना लाला, उसकी पत्नी रमा, पुत्र धर्मेन्द्र, राजन व नितिन का नाम शामिल है।

दो डॉक्टरों से ठगे थे 80 लाख रुपए

क्राइम ब्रांच एनआईटी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों ने यहां के 2 डॉक्टर के साथ असली के नाम पर नकली सिक्के बेचकर 80 लाख रुपए की धोखाधड़ी की थी। आरोपियों ने एक माह के अंदर ग्रीन फील्ड के रहने वाले डॉक्टर निशांत तथा सेक्टर 31 के रहने वाले डॉक्टर निखिल को अपना निशाना बनाया था। डाॅक्टर निखिल को तुगलकाबाद मेट्रो स्टेशन और डॉ. निशांत काे नोएडा में बुलाकर ठगी की थी।

सीसीटीवी फुटेज से गिरफ्त में आए ठग

पुलिस जांच के दौरान क्राइम ब्रांच एनआईटी ने सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी के माध्यम से मामले में शामिल पांच आरोपियों को 14 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। जबकि सुनार अर्पित काे बुधवार को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि यह परिवार लगभग 20 वर्ष से अलग-अलग राज्यों में इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम दे रहा है। जिसकी जांच की जा रही है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनार अर्पित का पिता आरोपी पन्नालाल का दोस्त था, जिससे पन्ना लाल आभूषण बनवाता था। वर्ष 2012 में आरोपी सुनार के पिता की मृत्यु हो गई। जिसके बाद उसका कामकाज अर्पित संभालने लगा। आरोपी पन्नालाल ने अर्पित को अपने साथ धोखाधड़ी के धंधे में शामिल कर लिया और उससे नकली सोने के सिक्के बनवाने लगा। आरोपियों के कब्जे से अब तक 17.700 किलोग्राम नकली सोने के सिक्के, सिक्के बनाने की मशीन, 21 मोबाइल फोन सहित 51 लाख रु नकद बरामद किए गए हैं

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Active corona cases increases in chandigarh

25.07.2022
चंडीगढ़ में कोरोना केसों की संख्या में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अब 100 से ज्यादा नए मरीज शहर में रोजाना मिल रहे हैं। रविवार को 145 नए केस मिले। इससे एक्टिव केसों की संख्या बढ़ कर 734 हो गई है।PGI के वेंटिलेटर पर कुल 4 और GMCH-32 के वेंटिलेटर पर एक मरीज है। PGI में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले कोविड बेड पर 11 मरीज, GMCH-32 में 9 मरीज और GMSH-3216 के कोविड बेड पर 8 मरीज हैं।सेक्टर-38 के संतोख अस्पताल में भी एक कोविड मरीज भर्ती है। जुलाई के 24 दिनों में 1813 नए केस मिल चुके हैं। पिछले एक सप्ताह का पॉजीटिविटी रेट बढ़कर 8.49 हो चुका है। एक सप्ताह में रोजाना आने वाले केसों का औसत भी बढ़ कर 105 हो गया है।

इतने लोग लगवा चुके हैं वैक्सीन

चंडीगढ़ में 12 से 14 वर्ष के 34,273 बच्चों को कोरोना की पहली और 20,347 बच्चों को कोर्बेवैक्स की दूसरी डोज लग चुकी है। ऐसे 45 हजार बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है। 15 से 18 वर्ष के 74,040 बच्चों को को-वैक्सीन की पहली और 50,865 बच्चों को दूसरी डोज लग चुकी है। ऐसे 72 हजार बच्चों को कवर करने का लक्ष्य है।

वयस्कों को पहले ही कोरोना की दोनों डोज से कवर किया जा चुका है। कुल 9,11,513 वयस्क कोरोना की दोनों डोज लगवा चुके हैं। 30 सितंबर तक शहर में कोरोना की बूस्टर डोज फ्री है। अभी तक 64,458 वयस्क बूस्टर डोज लगवा चुके हैं। 24 जुलाई को 460 लोगों ने बूस्टर डोज लगवाई थी।

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Supply of drugs by fake ambulance in chandigarh

25.07.2022
पंजाब के मोहाली जिले की पुलिस ने एक एंबुलेंस से नकली मरीज और उसके साथियों को पकड़ते हुए 8 किलो अफीम बरामद की है। दप्पड़ टोल प्लाजा के पास पुलिस ने विशेष नाकाबंदी के दौरान यह एंबुलेंस और तीन आरोपी पकड़े। पुलिस ने अफीम, चंडीगढ़ नंबर की एक मारुति वैन जब्त कर ली है।पुलिस के मुताबिक, यह वैन 8 से 10 बार ड्रग स्मगलिंग के लिए इस्तेमाल हो चुकी थी। मामले में और भी खुलासे होने की उम्मीद है। मोहाली पुलिस के SSP विवेक शील सोनी ने बताया है कि जिला पुलिस ने नशा तस्करी और नशा तस्करों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया हुआ है।इसी के तहत SP(इन्वेस्टिगेशन) अमनदीप सिंह बराड़ और DSP गुरशेर सिंह (इन्वेस्टिगेशन) के दिशा निर्देशों पर CIA स्टाफ, मोहाली ने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर गांव दप्पड़ के नजदीक टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान एक एंबुलेंस वैन अंबाला से आ रही थी।इसे चैकिंग के लिए रोका गया। इसमें एक व्यक्ति मरीज की तरह स्ट्रेचर पर लेटा हुआ था। दूसरा व्यक्ति उसकी देखभाल के लिए बैठा हुआ था। एक व्यक्ति ड्राइविंग सीट पर था। एंबुलेंस में मेडिकल टीम का कोई भी सदस्य नहीं था। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर और फर्स्ट एड किट भी नहीं थी।

तकिए के अंदर छिपाई थी ड्रग

पुलिस टीम को इस सब के चलते शक हुआ और एंबुलेंस की चैकिंग की गई। मरीज बन कर लेटे व्यक्ति के सिर के नीचे रखे तकिए को चैक किया तो इसमें 8 किलो अफीम मिली। तीनों व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार करके NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया।थाना लालडू में यह केस दर्ज हुआ है। पकड़े गए आरोपियों में UP के रामपुर जिले कर रहने वाला रवि श्रीवास्तव(28), नया गांव निवासी हरिंद्र शर्मा (47) तथा अंकुश (27) खुड्‌डा अली शेर, चंडीगढ़ निवासी शामिल हैं। रवि श्रीवास्तव मौजूदा समय में राम दरबार, चंडीगढ़ में रह रहा था।

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Lady doctor suicide in indore.

25.07.2022
इंदौर में एमवाय अस्पताल की एक जूनियर डॉक्टर ने जिंदगी से हारकर सुसाइड कर लिया। वह तीन साल से एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप भी कर रही थी। मौके से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने जिंदगी से हारने की बात लिखी है। साथ ही आई लव यू मम्पी-पापा भी लिखा है। दोस्तों के मुताबिक वह कई दिनों से डिप्रेशन में थी। वह मूल रूप से जबलपुर के नजदीक लखनादौन (सिवनी) की रहने वाली थी।TI तहजीब काजी के मुताबिक एमवाय अस्पताल से सूचना मिली थी कि डॉ. अपूर्वा पुत्री सुदर्शन गुलानी को बेसुध हालत में उनके साथी रविवार सुबह सवा नौ बजे के लगभग एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अपूर्वा जावरा कंपाउड स्थित जेडी गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। वह मूल रूप से सिवनी के आजाद वार्ड नंबर दो राम मंदिर के पास की रहने वाली थी।

पिता जबलपुर में वकील
अपूर्वा के पिता जबलपुर में वकील हैं। इसके साथ ही वह खेती किसानी का काम करते हैं। छोटा भाई भी कॉलेज की पढ़ाई के साथ परिवार के काम में हाथ बंटाता है। उसके हॉस्टल के कमरे से एनेस्थिसिया व अन्य ड्रग के इंजेक्शन मिले हैं। संभवत: ओवर डोज के चलते उसकी मौत हुई है।

8 बजे ड्यूटी पर पहुंचना था कॉल रिसीव नहीं किया
पुलिस को मिली जानकारी में सामने आया है कि 8 बजे अपूर्वा की इमरजेंसी में ड्यूटी थी। लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं पहुंची थी। इसके चलते उसके साथी उसे लगातार कॉल कर रहे थे। पर वह रिसीव नहीं कर रही थी। काफी देर हो जाने पर साथी हॉस्टल में पहुंचे। यहां अपूर्वा बिस्तर पर बेसुध पड़ी थी।

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blackmail of doctor by nurse in shivpuri

23.07.2022
शिवपुरी में निजी अस्पताल की नर्स ने डॉक्टर के बेटे को प्रेम जाल में फंसा कर पैसे लूट लिए। डॉक्टर को इस बात का पता चला ते उसने उसे नौकरी से हटा दिया। नौकरी छूटने के बाद नर्स ने डॉक्टर के बेटे से बात की लेकिन बात नहीं बनी। गुस्से में आकर नर्स ने उसे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी और लाखों रुपए वसूल लिए। नर्स की जब इतने से भूख नही मिटी तो उसने और पैसों की मांग की। डॉक्टर और उसके बेटे ने सिटी कोतवाली में नर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई करते हुए आरोपी सहित उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नौकरी नहीं वापस नहीं मिलने पर शुरू की ब्लैकमेलिंग
बता दें कि शिवपुरी के मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नर्स 4 महीने नर्स से नौकरी कर रही थी।डॉक्टर के बेटा अक्सर हॉस्पिटल में आया-जाया करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात नर्स ने हुई। जिसके बाद दोनों एक दूसरे से बातचीत बढ़ने लगी और वे एक दूसरे से प्यार करने लगे। डॉक्टर को इस बात का पता चला तो उसने नर्स को नौकरी से निकाल दिया। नौकरी से निकाले जाने के बाद नर्स ने डॉक्टर के बेटे से बात उसे वापस नौकर दिलाए जाने की सिफारिश अपने पिता से करने की बात कही। लेकिन जब बात नहीं बनी तो नर्स ने बेटे को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

नर्स ने 4 जुलाई को सिटी कोतवाली के बाहर से डॉक्टर के बेटे को फोन लगाया और कहा कि वह कोतवाली के बाहर खड़ी हुई है और उसके खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराने जा रही है। यह सुन डॉक्टर और बेटा दोनों डर गए और कोतवाली पहुंच गए। जहां नर्स बाहर ही खड़ी थी। दोनों ने नर्स तो समझाया और हॉस्पीटल ले आए। जहां डॉक्टर ने अपनी इज्जत और बेटे का भविष्य को बचाने के लिए नर्स को 5 लाख का चेक और 5 लाख नगद दिए।

नर्स को 5 लाख मिलने के बाद भी जब तसल्ली नहीं हुई तो वह डॉक्टर पर दबाब बनाते हुए उसे दोबारा नौकरी पर रखने और ज्यादा रुपयों की मांग करने लगी। डॉक्टर ने जब मना किया तो उसके बेटे को बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी देना शुरू कर दिया।

डॉक्टर ने की शिकायत दर्ज

परेशान होकर डॉक्टर और उसके बेटे ने सिटी कोतवाली थाने में पहुंचकर नर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नर्स और उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।

सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि नर्स और उसके सहयोगी के पास से 4 लाख नगद और 5 लाख का चैक मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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5 medical courses without neet

23.07.2022
:लाखों लोग MBBS की डिग्री हासिल करने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा देते हैं. NEET स्कोर के आधार पर ही देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS कोर्स में एडमिशन मिलता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं मेडिकल फील्ड में करियर बनाने के लिए NEET एग्जाम ही पास होना चाहिए, ऐसा जरूरी नहीं है. बिना NEET क्वालीफाई किए भी आप मेडिकल फील्ड में करियर बना सकते हैं. अगर आप फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी या मैथ्स सब्जेक्ट के साथ 12वीं पास हैं तो आप बिना NEET के कई मेडिकल कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं. यहां हम ऐसे ही कुछ कोर्सेज के बारे में बता रहे हैं।

NEET के बिना किए जाने वाले मेडिकल कोर्स | Medical Courses Without NEET

1. BSC नर्सिंग

बिना NEET के 12वीं के बाद सबसे लोकप्रिय मेडिकल कोर्स में से एक B.Sc नर्सिंग है।अस्पताल में एक मरीज को ठीक होने के लिए न केवल डॉक्टर के परामर्श और दवाओं की जरूरत होती है बल्कि नर्स की देखभाल की भी जरूरत पड़ती है. नर्सिंग न केवल एक नौकरी है बल्कि एक सामाजिक कार्य भी है। यह 4 साल का कोर्स है जो स्नातक की डिग्री प्रदान करता है। यह कोर्स AIIMS और AFMC समेत कई टॉप कॉलेजों में उपलब्ध है।

2. B फार्मा

फार्मासिस्ट एक प्रशिक्षित व्यक्ति होता है जिसे दवाओं, उनके डेवलपमेंट, दवाओं के क्लिनिकल रिसर्च आदि के बारे में काफी जानकारी होती है। यह 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स है जो एक शानदार वेतन और शानदार करियर के अवसर प्रदान करता है।
3. बायोटेक्नोलॉजी में B.Sc

बैचलर इन बायोटेक्नोलॉजी 3 साल का कोर्स है जो अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रदान करता है। बायोटेक्नोलॉजी के छात्रों को सूक्ष्म जीवों के आनुवंशिकी, उनके विकास आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।बायोटेक्नोलॉजिस्ट बायोलॉजी और टेक्नोलॉजी की स्टडी को मिलाकर पृथ्वी पर जीवन को बेहतर बनाने के लिए रिसर्च करते हैं।

4. माइक्रोबायोलॉजी में B.Sc
B.Sc माइक्रोबायोलॉजी में पर्यावरण में मौजूद सूक्ष्मजीवों का अध्ययन किया जाता है।यह 12वीं कक्षा के बाद लोकप्रिय चिकित्सा पाठ्यक्रमों में से एक है।यह 3 साल का पाठ्यक्रम है जिसमें सूक्ष्मजीवों के अध्ययन से संबंधित विविध अध्याय हैं।

5. पोषण में B.Sc
खानपान को लेकर लोगों की बढ़ती चिंता के साथ पोषण विशेषज्ञों की जरूरत भी बढ़ गई है।पोषण विशेषज्ञ और आहार विशेषज्ञ पोषण और उचित आहार के क्षेत्र में विशेषज्ञ होते हैं।वे खिलाड़ियों और ऑर्गेनाइजेशन के लिए सलाहकार के रूप में काम कर सकते हैं और लोगों से उनकी आवश्यक आहार आदतों के बारे में परामर्श के लिए क्लीनिक स्थापित कर सकते हैं।यह 3 साल का कोर्स है जो दिलचस्प और अत्यंत ज्ञानवर्धक दोनों है।

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Sextortion from lady nursing officer in indore

इंदौर की एक महिला नर्सिंग ऑफिसर सेक्सटॉर्शन का शिकार हो गई। नर्सिंग ऑफिसर को पहले वॉट्सऐप पर लोन रिकवरी के लिए धमकी भरे मैसेज आए, जबकि उन्होंने कोई लोन लिया ही नहीं। जब डिमांड पूरी नहीं की गई तो आरोपी ने नर्सिंग ऑफिसर के एडिटेड न्यूड फोटो-वीडियो रिश्तेदारों को भेज दिए। इसके बाद उन्हें लगातार फोन आने लगे। जब पीड़िता साइबर पुलिस के पास पहुंची तो शिकायत दर्ज नहीं की गई। आवेदन देकर लौटा दिया। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।पहला मैसेज 7 जुलाई को आया। इसमें किसी HUGO LOAN APP का जिक्र था। मैंने किसी कंपनी से लोन नहीं लिया तो मैसेज इग्नोर कर दिया। इसके बाद CASHY APP, तो कभी HOLI APP से मैसेज आने लगे। मैंने इन ऐप्स को कभी डाउनलोड ही नहीं किया। अगले दिन अनजान नंबर से कॉल आया। मैं कॉल रिसीव नहीं कर पाई। बाद में वॉट्सऐप चेक किया तो उसी चाइनीज ऐप से धमकी भरा मैसेज था। इस बार लिखा था- 3 हजार रुपए चुकाओ, नहीं दिए तो आधार कार्ड से मुंडी निकालकर न्यूड फोटो में लगाकर कॉन्टैक्ट लिस्ट में वायरल कर देंगे। मैसेज के बाद धमकी भरे वॉइस नोट भी थे। 20-25 मिनट बाद मेरे पास दोस्तों और रिश्तेदारों के कॉल आने लगे। भाई और पिता के पास भी मेरी एडिट की हुई तस्वीर पहुंच गई थी। आरोपियों के पास मेरे फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट थी। उन्होंने मेरा फोन हैक कर लिया था।

साइबर पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR

पीड़िता ने बताया, वह साइबर पुलिस के पास पहुंची। यहां रिपोर्ट लिखना तो दूर, पुलिस ने पूरी बात भी नहीं सुनी। FIR की जिद पर अड़ने के बाद पुलिस ने शिकायती आवेदन लिया। तीन दिन तक लगातार थाने के चक्कर काटने के बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई।

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