The ENT (Ear, Nose and Throat) department, which was closed since the Corona period, resumed at New Nehru Hospital Extension (NHE), Chandigarh.

13.06.2022
पीजीआई स्थित न्यू नेहरू हॉस्पिटल एक्सटेंशन में कोरोना काल से बंद ईएनटी डिपार्टमेंट दोबारा से शुरू कर दिया गया है, इसका शुभारंभ पीजीआई डायरेक्टर प्रो.विवेक लाल ने किया। मौके पर डीडीए कुमार गौरव धवन, एमएस विपिन कौशल और ईएनटी डिपार्टमेंट के एचओडी प्रो. नरेश के पांडा,प्रोफेसर संजीव बंसल आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे। पीजीआई के नेहरू हॉस्पिटल एक्सेंटेशन में 10 ओपीडी फंक्शनल कर दी थी,उसके बाद में ईएनटी डिपार्टमेंट शुरू करने का फैसला लिया गया था। डिपार्टमेंट और ऑपरेशन थिएटर खुलने के बाद ईएनटी के मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनको काफी फायदा मिलेगा।

Case of lack of space in dialysis center in Begusarai Sadar Hospital due to more patients

13.06.2022
गरीब मरीजों के लिए संजीवनी का काम कर रही सदर अस्पताल का डायलिसिस सेंटर अब मरीजों की संख्या को देखते हुए छोटा पड़ने लगा है। सात बेड वाले पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस सेंटर पर रोजाना 23 मरीजों का डायलिसिस होता है। एक मरीज के डायलिसिस में तीन से चार घंटे लगते हैं तथा एक मरीज को सदर अस्पताल में डायलिसिस कराने से 40 हजार रुपए की बचत होती है।बलिया के शशिभूषण ने बताया कि 8 महीने से उनकी डायलिसिस हो रही है अगर मुझे प्राइवेट में डायलिसिस करानी पड़ती तो साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा रुपए खर्च होते और मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि मैं इतना खर्च कर पाता। बेगूसराय जिला के अलावे खगड़िया, समस्तीपुर, सिमरी बख्तियारपुर, मोकामा, लखीसराय के किडनी मरीज डायलिसिस कराने पहुंच रहे है, जिसकी वजह से डायलिसिस के लिए 7 बेड भी अब कम पड़ने लगा है।इसको लेकर तीन डायलिसिस बेड लगाने के प्रस्ताव जगह की कमी के कारण ठंडा बस्ता में पड़ा हुआ है, तो दूसरी ओर किडनी के 10 मरीजों का बेड की कमी होने के कारण उनका डायलिसिस ही नहीं हो पा रहा है, क्योंकि पूर्व से 65 मरीज यहां नियमित रूप से सप्ताह में दो बार और कुछ मरीजों का सप्ताह में तीन बार डायलिसिस सेवा देनी पड़ रही है। साथ ही पांच हेपेटाइटिस सी से प्रभावित मरीजों को भी यहां निशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।

In a research conducted at Jaipur’s Women’s Hospital Sanganeri Gate and Janana Hospital Chandpol, a team of doctors administered umbilical cord blood to 168 critically ill newborns soon after birth, increased blood levels in 4 months, gave life

13.06.2022
कोख में बच्चे को नाभि के जरिए मां से जोड़ने वाली गर्भनाल को शिशु के जन्म के बाद काटकर फेंक दिया जाता है लेकिन चिकित्सा विज्ञान में हुए नए शोध के आधार पर गर्भनाल का खून नवजात के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। जयपुर के महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट और जनाना अस्पताल चांदपोल में हुए शोध में जन्म के तुरन्त बाद 168 नवजात को गर्भनाल का खून चढ़ाया गया। चार माह बाद डॉक्टरों की टीम के शोध में खुलासा हुआ कि बच्चे में खून की कमी नहीं हुई।गंभीर हालत में भी बच्चे को आईसीयू में या ऑक्सीजन पर नहीं लेना पड़ा। साइड इफेक्ट भी नहीं मिला। टीम में डॉ. सुनील गोठवाल, डॉ. कैलाश मीणा, डॉ. आनंद कुमावत, डॉ. विवेक अडवानी शामिल रहे। यह शोध राष्ट्रीय स्तर के जर्नल ऑफ पेरिनेटोलोजी में अप्रेल-2022 में प्रकाशित हुआ है।

A woman suffered a heart attack during a hip transplant operation in a hospital in Barmer, doctors saved her life.

13.06.2022
बाड़मेर के एक अस्पताल में ऑपरेशन करते वक्त 83 वर्षीय वृद्धा की हार्ट अटैक आने से धड़कनें रुक गई। उस वक्त वहां मौजूद एनेस्थीसिया डॉक्टर्स टीम डॉ. जगदीश कुमावत, डॉ.महेश चौधरी तथा ऑपरेशन थिएटर स्टाफ ने सीपीआर देकर वृद्ध की सांसे वापस लाई और क्रिटिकल आईसीयू में 3 दिन तक वेंटिलेटर पर रखा। हार्ट अटैक की वजह से वृद्ध महिला के किडनी भी कमजोर हो गई थी। वृद्ध महिला को 5 यूनिट खून भी चढ़ाया गया। 13 दिन के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज अब बिल्कुल स्वस्थ हैं। परिजनों ने बिल्कुल आशा ही छोड़ दी थी, परंतु अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने वृद्धा को एक नया जीवनदान दिया है

Case of locking of 3 sub health centers due to lack of staff in three villages of Mandar area of ​​Abu Road

11.06.2022
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और अनदेखी की वजह से आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में गर्मी ने दस्तक दे दी है जिससे विभिन्न बीमारियों के मरीज बढ़ गए है। सीतापुरा, रामपुरा और सोणाली गांव में संचालित उपस्वास्थ्य केंद्र पर कुछ महीने पहले तक एनएम पद पर कर्मचारी लगे हुए थे, जिस का तबादला कर देने के कारण अब तीनों केंद्रों पर ताले लगाने की नौबत आ गई। बीसीएमओ डॉ.रितेश सांखला की तरफ से विभाग के अधिकारियों को कई बार इस मामले की जानकारी देकर एनएम लगाने की मांग करने के बाद भी यहां किसी की पोस्ट नहीं दी गई है।लाखों रुपए खर्च करके भवन बनवाए गए थे,लेकिन कर्मचारी नहीं होने के कारण सभी भवन बेकार पड़े हैं।इन भवनों में सभी उपकरण और मेडिकल किट रखे हुए हैं जो धूल खा रहे हैं। इन उप- स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लगे होने की वजह से गांव वालों को अपने इलाज के लिए दूर स्थित सरकारी अस्पताल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

Now it is necessary to have Jan Aadhaar for free treatment in government hospitals of Rajasthan.

10.06.2022
राज्य भर में 1 मई से शुरू हुए एमएमएनएनआरएस के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त ओपीडी और आईपीडी सुविधाओं सहित मुफ्त सुविधाओं का लाभ उठाने के इच्छुक मरीजों को अपने साथ अपना जन आधार कार्ड रखना होगा। अब तक राज्य के अस्पताल मरीजों के पंजीकरण के लिए आधार कार्ड की मांग कर रहे थे। राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर पृथ्वी राज ने बताया है कि जन आधार कार्ड के जरिए राज्य सरकार रोगों का रिकॉर्ड रखेगी। इसके अलावा मुफ्त स्वास्थ्य योजना का लाभ ले रहे सभी मरीजों के इलाज और उनके डायग्नोस्टिक टेस्ट का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। जन आधार के जरिए उन मरीजों के बारे में भी पता चल सकेगा जो चिरंजीवी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, मुफ्त दवा योजना, मुफ्ता जांच योजना समेत अन्य विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।एक खास बात यह भी है कि जिन लोगों के पास जन आधार कार्ड नहीं है उनके लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने अलग से इंतजाम किया है। अगर ऐसे मरीज खुद अस्पताल में जन आधार कार्ड के लिए रजिस्टर कराते हैं तो उन्हें मेडिकल सुपरीटेन्डेंट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी इलाज में छूट प्रदान कर सकते हैं।

50 thousand rupees were sought from the relatives for handing over the dead body to Samastipur Sadar Hospital in Patna, the Health Minister ordered an inquiry

10.06.2022
सदर अस्पताल में एक अज्ञात शव की पहचान के बाद उसे स्वजन को सौंपने के एवज में पोस्टमार्टम कर्मी ने 50 हजार रुपये मांगे। स्वजन गांव लौटे और घर-घर जाकर राशि जुटाने के लिए भीख मांगने लगे। इसका वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। अवकाश पर रहते हुए भी डीएम योगेंद्र सिंह ने सिविल सर्जन को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया है। इस मामले को स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि दोषि को छोड़ा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, अस्पताल में ऐसी घटना होना बहुत ही निंदनीय बात है इससे आम लोगों का अस्पतालों पर भरोसा कम होता चला जाता है।

Under the Drugs and Cosmetics Act 1940 in Patna, now FIR will not be registered in the police stations.

10.06.2022
एसएसपी डॉक्टर मानवजित सिंह ढिल्लों ने थानों को निर्देश जारी किया है की अब से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत एफआईआर अब थानों में दर्ज नहीं होगी। पुलिस मुख्यालय से राज्य के सभी एसएसपी और एसपी को इस संबंध में एक पत्र लिखा गया था। पुलिस मुख्यालय के द्वारा निर्गत पत्र के बाद एसएसपी ने यह आदेश जारी किया है। एसएसपी ने सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अध्याय 3,4 और 4a के तहत जो भी मामले दर्ज हैं उसे 1 महीने के के भीतर ड्रग इंस्पेक्टर को सौंप दें। एसएसपी के पत्र में लिखा गया है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अध्याय 3,4 और 4a में वर्णित अपराधियों में पुलिस के पास प्राथमिकी दर्ज करने की शक्ति नहीं है और ना ही पुलिस ऐसे मामलों में अनुसंधान नहीं कर सकती है। एसएसपी ने थानेदार को यह भी आदेश दिया है कि पहले से जिन थानों में ऐसे मामले दर्ज हैं और जिनका अनुसंधान चल रहा है वह संबंधित ड्रग इंस्पेक्टर को सौंप दें। एसएसपी के आदेश के बाद थानेदारों ने ऐसे मामलों का ट्रांसफर ड्रग विभाग में करना शुरू कर दिया है।

The arbitrariness of the Mahatma Gandhi Memorial Medical College (MGM) administration, Indore, despite posting two doctors in the Department of Microbiology and Pharmacology, to get them post-mortem done

10.06.2022
अस्पताल में दोनों डॉक्टर अपनी विशेषज्ञता अनुसार अपने-अपने विभागों में जाना चाहते हैं परंतु उनसे अभी भी अस्पताल प्रबंधन पोस्टमार्टम करवा रहे हैं, एमपी मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के विरोध में चेतावनी के बाद एमजीएम कॉलेज प्रशासन ने दोनों डॉक्टरों को पोस्टमार्टम विभाग से हटाकर माइक्रोबायोलॉजी और फार्मोकोलॉजी विभाग पदस्थ करना दिखाया है। डीन ने लिखित में आदेश कर दोनों को पद स्थापित कर तो दिया है परंतु उनसे अभी भी पोस्टमार्टम करवा रहे हैं। दोनों डॉक्टर अपनी योग्यता के हिसाब से अपने-अपने विभाग में जाना चाहते हैं और अपनी सेवा देना चाहते हैं, परंतु उन्हें अपने विभाग में ही काम नहीं मिल रहा है जिससे कि वह खासा नाराज और नौकरी छोड़ने को मजबूर हैं।

Jaipur’s Sawai Mansingh Hospital (SMS) got one crore Rubina 3D laparoscope machine, now it will be easy to identify the cancer node

10.06.2022
एसएमएस अस्पताल में पित्त की नली में गंभीर चोट और सेंटीनल लिम्फ नोड की पहचान और इलाज के लिए 1 करोड़ रुपए की ‘रुबीना 3 डी 4के विथ आईसीजी इमेज लेप्रोस्कोप’ मशीन लगाई गई है। इस 3डी मशीन में अच्छे रेजोल्यूशन से आंत और किसी भी तरह के कैंसर का ऑपरेशन आसान हो जाएगा, वहीं समय भी 15-20 मिनट कम हो जाएगा। इसके अलावा, आंत्र सर्जरी में रक्त की आपूर्ति देखी जा सकती है।इंडो साइनस ग्रीन (ICG) मोड पर कैमरा बटन दबाते ही लीवर गॉलब्लैडर स्क्रीन पर हरा दिखाई देगा।एसएमएस अस्पताल के सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र मांडिया का कहना है कि देश में जम्मू-कश्मीर, बैंगलोर और एम्स जोधपुर के बाद एसएमएस अस्पताल में ऐसा आधुनिक लैप्रोस्कोप उपकरण लगाया गया है। एसएमएस अस्पताल में जटिल पित्त नली और पित्ताशय की थैली की सर्जरी अधिक आसानी से की जा सकती है। हर दिन 8 से 10 मरीज पित्त नली और पित्ताशय की थैली की सर्जरी करवा रहे हैं। इस मशीन की खासियत यह है कि 2डी मशीन से भी तस्वीर साफ होगी। इस तरह किसी भी बीमारी के प्रभावित हिस्से को आसानी से पहचाना जा सकता है।